चम्पावत। धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट चंपावत ने दो साल बाद दो लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। साल 2021 में एसएसबी के एक जवान ने चम्पावत कोतवाली में हजारों की धोखाधड़ी का अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस ने दिल्ली निवासी विनय प्रताप सिंह और मोहम्मद आजाद अंसारी को गिरफ्तार किया। आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता आरएस रैंसवाल और एडवोकेट रोहित जोशी ने पैरवी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहांआरा अंसारी की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए साक्ष्य के अभाव में दोनों को दोषमुक्त करार दिया।













