गौरव पांडेय, चम्पावत : ….. आखिर अब तक क्यों नहीं आई 2600 सैंपलों की रिपोर्ट!
………. यह सवाल स्वास्थ्य महकमे से लेकर जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं उनके लिए पहेली बना हुआ है। 8 सितंबर के बाद से जांच के लिए भेजे गए इन सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। चिकित्सा टीम के साथ ही लोग अपनी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

अपने जिले की हर खबर से रहेंं अपडेट                                         यहांं क्लिक कर कुमाऊं पोस्‍ट के Whatsapp Group से सीधे जुड़ें

गौरतलब है कि कोरोना जांच हेतु आरटीपीसीआर सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हल्द्वानी भेजा जाता है। हल्द्वानी में तीन लैबों में कोरोना सैंपल की टेस्टिंग होती है। जिनमें सरकारी लैब सुशीला तिवारी अस्पताल, थायोकेयर और पैथकाइंड लैब शामिल हैं। चम्पावत, लोहाघाट और पाटी की चिकित्सा टीमों द्वारा आरटीपीसीआर जांच के लिए लोगों के सैंपल लिए थे। सूत्रों के अनुसार इसकी संख्या लगभग 2600 बताई जा रही है। चिकित्सा टीम/संबंधित अस्पताल द्वारा सैंपल हल्द्वानी स्थित थायोकेयर प्राइवेट लैब में भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि इनमें कई ऐसे लोगों के सैंपल भी हैं, जो प्रदेश की सीमा से बाहर से आए हुए हैं और होटलों में क्वारंटाइन हैं। ऐसे लोग संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन से लगातार पूछ रहे हैं कि एक हफ्ता बीतने का है और अभी तक उनके सैंपलों की रिपोर्ट नहीं आई है। कई लोगों का आरोप है कि आखिर स्वास्थ्य महकमा इतनी लापरवाही क्यों कर रहा है।

मामले को लेकर क्या बोले सीएमओ –
शासन द्वारा चम्पावत जिले के कोरोना सैंपलों की जांच के लिए सरकारी लैब सुशीला तिवारी के अलावा एक अन्य प्राइवेट लैब को चयनित करने के लिए कहा था। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने हल्द्वानी की पैथकाइंड लैब को कोरोना सैंपलों की जांच के लिए चयनित किया। अन्य किसी भी लैब से हमारा कोई अनुबंध नहीं है। सैंपलों की जांच के लिए इन दोनों लैब में ही सैंपलों को भेजा जाना चाहिए। मुझे जानकारी मिली थी कि चिकित्सा टीम/संबंधित अस्पताल द्वारा सैंपलों की जांच के लिए अनुबंधित लैब के बजाय दूसरे निजी लैब में सैंपलों को भेजा जा रहा है। यह नियम विरूद्ध है। सैंपल भेजे जाने की शुरूआत में ही जब आदेश हुआ था कि चम्पावत जिले के सैंपल इन्हीं लैबों में भेजे जाएंगे तो ऐसी गलती आखिर क्यों हुई। मैंने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी को अवगत कराया है और संबंधित चिकित्सा टीम व अस्पताल प्रबंधन को ऐसी गलती दुबारा न करने की हिदायत दी है। कितनी संख्या में वहां सैंपल गए हैं, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। विभाग ने इस संबंध में शासन/निदेशालय से स्पष्ट पत्राचार किया गया है कि किसी कारणवश चिकित्सा टीमों से गैर-अनुबंधित लैब में सैंपल भेजे हैं, उनकी संख्या जितनी भी है, उन सैंपलों के जांच की धनराशि लैब को निर्गत की जाए और रिपोर्ट ली जाए। उम्मीद है कि जल्द ही गैर-अनुबंधित लैब में गए सैंपलों की रिपोर्ट आ जाएगी।
– डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चम्पावत।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here