चम्पावत – जनपद के समस्त विभागीय अधिकारी, कार्यदायी संस्थाएं, मण्डलीय अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी, लगन, कर्मठता के साथ निर्वहन करें। यह निर्देश जिला कार्यालय सभागार में बोलते हुए कंमाऊ आयुक्त श्री राजीव रौतेला द्वारा समस्त विभागीय अधिकारियों को दिये। बैठक में आयुक्त श्री रौतेला ने कहा कि सरकार की योजनाओं, उनके कार्यक्रमों का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इस हेतु सभी अधिकारी जनता के प्रति संवेदनशील होकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें। उन्होंन कहा कि विभागों की जो कार्य विधियां, कार्य संस्कृति व कार्य योजना है उसका लाभ जनता को मिले इसके लिए ईमानदारी, लगन के साथ कार्य करें तथा वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा भी करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिलास्तरीय अधिकारी अपने विभाग के कार्यों में पूर्णत्या दक्ष हो और उसके लिए पूर्ण लगन एवं मेहनत से कार्य करे तथा कार्यालय समय पर ही कार्यलय में उपस्थित हो जायं इसमें किसी भी प्रकार की लापारवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। वह न केवल अपनी उपस्थिती कार्यालयों में रखें बल्कि अपने कार्यालय में सुधार के साथ ही अपने कार्य संस्कृति में भी बदलाव लायें तथा विशेषकर अपने परिधानों का भी सही ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला स्तरीय अधिकारी महिने में अपने कार्यालय का निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण पंजीका में अंकित करेंगे। आयुक्त ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों से कहा कि वह अपने कार्यालय के अतिरिक्त दुरस्त ग्रामीण क्षेत्रों का भी भ्रमण कर स्थानीय जनता से मुलाकात करें उनसे संवाद कर शासन की योजनाओं कार्यक्रमों को उन तक पहुंचाऐं तथा अपने विभाग की उपस्थिती उन क्षेत्रों तक पहुंचाऐं ताकि उन्हें महसूस हो की सरकार निश्चित रूप से उनके द्वार पर पहुंचकर योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचा रही है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकारी क्षेत्रीय जनता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में भी जानकारी देते हुए जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग को भी अवगत करायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी किसी भी बैठक में प्रतिभाग करने से पूर्व अपने कार्यालय में उसकी तैयारी बैठक अवश्य कर लें। उन्होंने कहा कोई भी आम जन अपनी समस्या लेकर किसी भी कार्यालय के पास आये तो बहुत संयमित एवं सवंदेनशीलता से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान करें और यदि समस्या शासन स्तर से हो तो उन्हें इसके बारे में सही-सही बताये तथा समझाये, किन्तु उनकी समस्या के निराकरण हेतु टाल-मटोल न करें।
बैठक के दौरान आयुक्त कुमांऊ मण्डल ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर अपनी एक डाटा डायरी बनानी अनिवार्य है जिसमें वे अपने विभाग से संबंधित समस्त कार्यों, कार्यक्रमों, उपलब्धियों व दैनिक क्रिया क्लापों के बारे में सूचना अंकित करंेंगे। डाटा डायरी में प्रत्येक दिन की कार्य योजना बनाये तथा कार्य योजना के अनुसार ही अपने कार्याें का निवृहन करंे। जिलाधिकारी स्वंय यह सुनिश्चित करायेंगे कि प्रत्येक अधिकारी की डाटा डायरी अवश्य बने तथा वह समय-समय पर डायरी का अनुसरण भी करना सुनिश्चित करेंगे। उन्हें कडे़ शब्दों में कहा कि मेरे द्वारा लीं जाने वाली अगली बैठक में कोई भी अधिकारी ऐसा नहीं होना चाहिए जिसके पास डाटा डायरी न हो। बैठक में आयुक्त कुमांऊ मण्डल ने कहा कि यहां की भौगोलिक परिस्थितयों के आधार पर सभी विभागीय अधिकारी जनहित में जो भी कार्य कर सकते है वह कार्य करें। सभी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए सरकार एवं शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि अधिकारियों को उनके द्वारा किए जा रहे कार्य के अनुरूप श्रेणी ए, बी एवं सी में बांटा जाय जो अधिकारी उत्कृष्ठ कार्य कर रहा है उसे ए श्रेणी में रखा जाय। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक माह ए श्रेणी प्राप्त अधिकारियों की जानकारी से उन्हें अवगत करायें। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि समीक्षा के दौरान आयुक्त श्री रौतेला ने कहा कि कोई भी अधिकारी बिना जिलाधिकारी की अनुमति के जनपद से बाहर नहीं जायेगा। विभागीय स्तर पर अगर उच्चाधिकारी भी बैठक लेते है तो उक्त बैठक में जनपद से बाहर प्रतिभाग करने हेतु जिलाधिकारी से अनुमति लेनी आवश्यकी होगी। यदि फिर भी कोई अधिकारी बिना जिलाधिकारी की अनुमति से जनपद से बाहर जाता है तो उसके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी डा.अहमद इकबाल, पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र गुंज्याल, अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट, उप जिलाधिकारी सदर सीमा विश्वकर्मा, लोहाघाट आरसी गौतम, पाटी निर्मला बिष्ट, टनकपुर अनिल चन्याल, परियोजना निदेशक एचजी भट्ट सहित समस्त विभागीय अधिकारी मौजूद थे।













