कुमाऊं पोस्‍ट न्‍यूज, चम्पावत : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आयु धोखाधड़ी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई भी खिलाड़ी अपनी जन्मतिथि के बारे में गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे दो साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

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क्रिकेट एसोशिएशन चम्पावत के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह पाटनी व सचिव नीरज वर्मा ने बताया कि क्रिकेट के तमाम प्लेटफार्म के लिए बीसीसीआई ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खिलाड़ी के लिए स्वैच्छिक प्रकटीकरण पहले से ही पंजीकृत के तहत यह कि ऐसे खिलाड़ी जो स्वेच्छा से घोषणा करते हैं कि उन्होंने पहले फर्जी/छेड़छाड़ के दस्तावेज जमा कर अपनी जन्मतिथि में हेरफेर किया है। ऐसे खिलाडिय़ों को निलंबित नहीं किया जाएगा। यदि वह अपनी वास्तविक जन्मतिथि का खुलासा करते हैं तो उन्हें उचित आयु समूह के स्तर पर भाग लेने के लिए अनुमति दी जाएगी। खिलाडिय़ों को इस संबंध में एक पत्र भेजना या ईमेल करना होगा।
यदि पंजीकृत खिलाड़ी अपनी वास्तविक जन्मतिथि छुपाते हैं और पाया जाता है कि उन्होंने फर्जी/छेड़छाड़ की है, साथ ही वह वास्तविक जानकारी नहीं देते हैं तो उनकी जन्मतिथि प्रमाणपत्र के दस्तावेजों पर दो साल के सीजन 2020-21 की अवधि के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। सीएयू द्वारा आयोजित किसी भी और सभी क्रिकेट मैच/टूर्नामेंट के लिए दो साल के लिए प्रतिबंध लगाया जाएगा।
बताया कि सीनियर पुरुष और महिला सहित अधिवास धोखाधड़ी करने वाले सभी खिलाडिय़ों को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। बताया कि यहां पर स्वैच्छिक प्रकटीकरण लागू नहीं होगा।

अंडर-16 और अंडर-19 में भागीदारी करने वाले खिलाडिय़ों के लिए भी नियमों में संशोधन हुआ है। अंडर-16 में 16 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ी शामिल नहीं होंगे। 16 वर्ष से कम उम्र के किसी के लिए भी अनुमति है। अंडर-16 स्तर पर टीडब्ल्यू 3 की हड्डी का परीक्षण करने वाला कोई भी व्यक्ति अधिकतम 4 वर्षों के लिए अंडर-19 टूर्नामेंट में भाग ले सकता है। इसके लिए जन्मतिथि को आधार माना जाएगा।

अंडर-19 स्तर पर सीधे प्रवेश करने वाला कोई भी खिलाड़ी और उसने अंडर-16 में पंजीकरण नहीं कराया है तो वह अंडर-19 में केवल दो वर्ष तक ही खेल सकेगा।
अंडर-19 टीम में प्लेइंग 11 में शामिल खिलाड़ी ही टीम का हिस्सा होता है। अंडर-19 में अधिकतम चार सीजन में भाग लेने की अनुमति खिलाड़ी को है। वे संभावित रूप से 4 से अधिक अंडर-19 टूर्नामेंट में भाग लेने के पात्र हैं।

बताया कि 2020-21 सीजन के संशोधन के तहत केवल 14-16 वर्षीय खिलाड़ी (जन्मतिथि के अनुसार) को बीसीसीआई अंडर-16 प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति होगी।
ऐसे खिलाड़ी जिनका जन्म प्रमाण पत्र उनकी जन्मतिथि से दो वर्ष से अधिक समय के बाद पंजीकृत है तो खिलाड़ी को केवल दो वर्ष के लिए ही अंडर-19 की अनुमति होगी। सुक्रोज खिलाडिय़ों को अंडर-19 भागीदार केवल एक वर्ष की अनुमति होगी।
क्रिकेट एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने खिलाडिय़ों से कहा है कि पंजीकरण के दौरान अपने संबंधित जिले में सही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें और किसी भी नतीजों से बचने के लिए कड़ी जांच की जाए।

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