चमोली में बादल फटने से जेई की मौत, तीन अन्य घायल बारिश और भूस्खलन से उत्तराखंड की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में बादल फटने से निजी कंपनी के जूनियर इंजीनियर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर भी घायल हो गए।

हादसा तड़के तीन बजे के करीब पोखरी क्षेत्र के अंतर्गत अंसारी गांव में हुआ। इस क्षेत्र में पी0एम0जी0एस0वाई योजना के तहत सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इस कार्य को एक ठेकेदार करा रहा है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के श्रमिक और जूनियर इंजीनयर वहीं दो मंजिला पंचायत भवन में ही रह रहे थे।  सुबह बादल फटने से पंचायतघर का ऊपरी तल ध्वस्त हो गया। मौके पर पहुंची राजस्व पुलिस, प्रशासन के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां जूनियर इंजीनियर मयंक सेमवाल (24 वर्ष) पुत्र सतीश चंद्र निवासी ग्राम बेनोली पोस्ट तिलवाड़ा जनपद रुद्रप्रयाग को चिकित्स्कों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में घायल पोकलैंड आपरेटर जयपाल सिंह (31 वर्ष) पुत्र जोगी राम, निवासी ग्राम व पोस्ट ऑफिस टिंबी थाना सिलाई जनपद सिरमौर हिमाचल प्रदेश, उम्र, जेसीबी चालक अनिल सिंह (25 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी ग्राम नौली पोस्ट ऑफिस कलसिर पोखरी, हेल्पर रमेश (24 वर्ष) पुत्र चंचल निवासी निवासी बांसगढ़ी जिला वर्धा नेपाल का पोखरी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उत्तराखंड की 160 सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन से उत्तराखंड की 160 सड़कें बंद हैं। गढ़वाल मंडल में करीब 100 सड़कें, कुमाऊं में 60 से सड़कें बंद हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, रुद्रप्रयाग जनपद में गौरीकुंड के पास बंद केदारनाथ हाईवे बंद है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राजमार्ग कुथनौर में बोल्डर गिरने से बंद हो गया है। चंपावत जिले के टनकपुर में मूसलधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। बागेश्वर में बारिश और मलबे से 12 सड़कें बंद हैं। गरुड़ तहसील में मलबे से दो मकान ध्वस्त हो गए। पिथौरागढ़ जिले में करीब 20 सड़कों के बंद होने से परेशानी बरकरार है। गोरी नदी घाटी में जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग 29 दिनों से बंद है।

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