देहरादून : पार्टी के कुछ विधायकों की गुस्ताखियां और विवाद ने भाजपा संगठन और सरकार दोनों को चिंता में डाल दिया है। कोरोनाकाल में जहां एक ओर संगठन और सरकार अपनी छवि चमकाने की कोशिशों में जुटी है, ऐसे में पार्टी के कुछ विधायकों की बयानबाजी और हरकतों से सरकार और संगठन को रक्षात्मक और असहज होना पड़ा है।

नतीजा यह है कि अब प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने चार विधायकों को 24 अगस्त को पार्टी कार्यालय में तलब किया है। इनमें से एक निष्कासित विधायक भी हैं। बताया जा रहा है कि अपने जवाबों से वे पार्टी नेतृत्व को संतुष्ट नहीं कर पाए तो उनके खिलाफ कोई न कोई एक्शन हो सकता है। एक विधायक पर पार्टी पहले ही एक्शन ले चुकी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के मुताबिक, चारों विधायकों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। उन्हें नोटिस भेज दिए गए हैं। वे पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखेंगे। इन विधायकों को उनसे संबंधित प्रकरणों के बारे में पूछा जाएगा। भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। जब जब कोई प्रकरण सामने आया पार्टी ने पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी हो, संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है।

इन विधायकों को किया है तलब

1. महेश नेगी : महिला ने लगाए गंभीर आरोप – द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी को लेकर भाजपा बेहद असहज और रक्षात्मक है। नेगी पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज हैं। लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर भाजपा पर हमले शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस जनांदोलन छेड़ने की बात कर रही है। आज उसने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया। लिहाजा पार्टी अब नेगी का जवाबतलब करने जा रही है।  यदि वे पार्टी को संतुष्ट नहीं कर पाए तो वे मुश्किल पड़ सकते हैं।

2. पूरन फर्त्याल : ठेकेदार को लेकर सरकार पर उठाए सवाल –
लोहाघाट के पार्टी विधायक पूरन फर्त्याल ने अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसकी वजह टनकपुर जौलजीवी सड़क निर्माण से जुड़ा ठेकेदार है, जिसकी शिकायत फर्त्याल ने की थी। सरकार ने उनकी शिकायत पर ठेका रद्द कर दिया था। लेकिन, सामरिक महत्व की इस सड़क का काम उसी ठेकेदार को देना पड़ा है, क्योंकि आर्बिट्रेटर ने ठेकेदार के पक्ष में फैसला दिया। फर्त्याल नाराज थे, और उन्हें इसके  खिलाफ विधानसभा में आवाज उठाने की बात की। साथ ही अपनी सरकार के जीरो टॉलरेंस को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी उन्हें ताकीद कर सकती है। यदि वे जिद पर अड़े रहे तो उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।

3. देशराज कर्णवाल : अनुशासनहीनता में फंसे
झबरेड़ा के भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल को पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस दिया है। सोशल मीडिया पर उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था। इस ऑडियो को पार्टी ने अनुशासनहीनता के दायरे में माना था। हालांकि कर्णवाल का कहना था कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। बहरहाल, पार्टी सूत्रों के अनुसार, कर्णवाल नोटिस का जवाब तो दे चुके हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें अपना पक्ष रखने को बुलाया है। उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से कड़ी चेतावनी दी जा सकती है।

4. कुंवर प्रणव चैंपियन : निष्कासन बहाली की आस
खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन भाजपा से निष्कासित हैं। उन्हें आपत्तिजनक शब्दावली का इस्तेमाल करने और दिल्ली में एक मीडियाकर्मी से दुर्व्यवहार करने के मामले में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। निष्कासन से पहले चैंपियन और कर्णवाल के बीच छिड़े विवाद को लेकर भी पार्टी की खासी किरकिरी हुई थी। लेकिन निष्कासन के बाद से चैंपियन की खामोशी से भाजपा नेतृत्व प्रभावित है। चैंपियन भी घरवापसी की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने उन्हें भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।

कोर कमेटी में भी होगी चर्चा

भाजपा की कोर कमेटी की बैठक रविवार को देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में भी विवादित विधायकों के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। बैठक में पिछले तीन माह के कार्यक्रमों की समीक्षा होगी। अगले तीन माह के कार्यक्रम तय होंगे। विधानसभा चुनाव के लिहाज से पार्टी को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार को लेकर अलग से रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश  अध्यक्ष के मुताबिक, बैठक का एजेंडा तकरीबन तय है।  लेकिन शनिवार को भी कुछ बैठकें होनी हैं, जिनमें कुछ और विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।

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