कुमाऊं पोस्‍ट ब्‍यूरो, चम्पावत : मोटर स्टेशन चम्पावत में विभिन्न संगठनों द्वारा एकजुट होकर अस्पताल प्रशासन और सीएमओ का पुतला फूंका जाने के बाद जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने जिला अस्पताल में किसी भी गुटबाजी और मनमुटाव से पूरी तरह इनकार किया है। उनका कहना है कि वह अपने स्टाफ को हरसंभव सहयोग करते आए हैं।
बता दें कि शुक्रवार दिन में विभिन्न दलों ने एकजुट होकर जिला अस्पताल में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए प्रसूति रोग विशेषज्ञ और सर्जन के मानसिक उत्पीडऩ को लेकर जिला अस्पताल प्रबंधन का पुतला दहन किया था। साथ ही जिला अस्पताल के ही कुछ चिकित्सकों पर निजी अस्पताल से मिलीभगत का आरोप लगाया है। इसके बाद जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने कुमाऊं पोस्ट से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि आईसीयू के उदघाटन के दिन जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. राहुल चौहान ने अपनी वेतन संबंधी समस्या को विधायक कैलाश गहतोड़ी के समक्ष रखा था। बताया कि उनकी तनख्वाह निदेशालय देहरादून से ही जारी होती है और उनके साथ ही 25 अन्य संविदा कर्मचारियों का वेतन भी उसी मद में आना है। कहा कि डॉ. राहुल व डॉ. मोनिका संविदा चिकित्सक हैं और तनख्वाह को लेकर शासन में बातचीत हुई है। साथ ही कोरोना की रोकथाम के काम में लगे कर्मचारियों को भी तनख्वाह नहीं मिली है, सीएमओ कार्यालय की ओर से उसका रिमाइंडर भेजा गया था। शासन के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि वह सोमवार तक उस मद के बजट को जारी कर देंगे और कोषागार में उनका वेतन आ जाएगा।
डॉ. जोशी ने कहा कि उनकी ओर से हमेशा यह प्रयास रहा है कि वह अपने स्टाफ की हरसंभव मदद करें। बकौल डॉ. जोशी बात सर्जरी या गाइनी की नहीं है। चाहे वह जनरल हो या इमरजेंसी हो, हर जगह के लिए मेरा प्रयास है कि हर तरह से स्टाफ की मदद की जाए। शुरूआत में जब यह चिकित्सक जिला अस्पताल में आए तो इनके कार्यों के लिए तीन दिन के भीतर उपकरण मुहैया कराए गए। शुरूआत में स्टाफ नर्स आदि की आ रही थी, उस समस्य का भी त्वरित निदान कर दिया था और स्टाफ नर्स उपलब्ध करा दी थी। कार्य करने के लिए रोस्टर बना दिया गया है। प्रत्येक दिन को एक ओटी के लिए निर्धारित किया गया है। आकस्मिक स्थिति को छोड़कर अन्य दिन रोस्टर के तहत ओटी की जाएगी। यदि कोई इमरजेंसी हो तो वह तत्काल करना होता है, उसके अलावा कार्यदिवस के लिए रोस्टर बनाया गया है। जिससे कि इस तरह का आपसी समन्वय खत्म न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी चिकित्सक या अस्पताल कर्मचारी को कोई भी दिक्कत या परेशानी है तो वह सीधे उनसे मिल सकते हैं और समस्या रख सकते हैं। डॉ. जोशी ने कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र तक प्रत्येक समस्या के निदान के लिए हमेशा तत्पर है और आगे भी रहेेंगे।

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