पिथौरागढ़: प्रशासन नाकाम , आपदा के 48 घण्टे बाद भी पीड़ितों को राहत नही पहुँची।

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पिथौरागढ़। धारचूला तहसील के मालपा व दुंगदुंग में बादल फटने की घटना में तबाह हुए मालपा व घटियाबगड में अब भी प्रशासनिक  राहत नहीं  पहुंंच पाई है। सोमवार तड़के  बादल फटने की घटना में 17 लोगों की माैत हाे गई थी और 30 से अधिक लाेग लापता हाे गए थेेे। साेमवार काे मलबे से सेना के एक जेसीअो  व दाे सैनिक  घायलावस्था में‍ ‍‍‍‍पाए गए थे। अब भी लापता लाेगाें में सेना के एक जेसीअो  समेत पांच जवान शामिल हैं। लापता लोगों के ‍‍‍मिलने की उम्मीद धूमिल हाेती जा  रही  है। अंदाजा लगाया  जा रहा है ‍कि शव अगर काली नदी में चले गए होंगे ताे ‍मिलना मुश्किल हाेगा।
बादल फटने से प्रभावित मालपा और घटियाबागढ़ में खोज एवं बचाव का कार्य जारी है। मालपा में नजंग के पास मार्ग बंद होने से लोग नीचे से नहीं पहुँच पा रहे हैं। पहाड़ पर ऊपर की तरफ तैनात एसएसबी आईटीबीपी  और गर्ब्यांग गूंजी आदि स्थानों के युवक खोजबीन के लिए पहुंचे हैं। मालपा से अब तक चार लोगो के शव ही मिल पाए हैं, यहां अभी तक छह लोग लापता है। यहां पर लापता लोगो की संख्या और बढ़ने की आशंका है। शासन ने हेलीकॉप्टर भेजा है जो पिथौरागढ़ में है। मौसम खुलने के बाद मालपा जाएगा और शवो को लाया जाएगा। घटियाबगढ़ में सेना एसएसबी के जवान
राहत और खोज में जुटे है। यहां पर भी लापता की संख्या का सही अनुमान नही लग रहा है।प्रशासन आज घटियाबागढ़ में वायरलेस सिस्टम लगा रहा है। क्षेत्र में मौसम खराब है। सुबह तेज बारिश हुई। अभी भी मौसम ख़राब है। प्रशासन अब भी पांच लोगों की ही मौत व 11 के लापता होने की पुष्टि कर रहा है, जबकि स्थानीय 17 के मरने व 30 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दे रहे हैं। घटियाबगड़ में सेना का कैंप तबाह हो गया है। तीन ट्रक समेत आधा दर्जन वाहन बह गए थे जिसमें तीन ट्रक मलबे से निकाले गए हैं। मौसम खराब होने से खोज अभियान प्रभावित हो रहा है। भारत चीन बॉर्डर पर हो रही ये घटना व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है ।

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