मात्र 21 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहीद हुआ कुमाऊँ का लाल

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जम्मू कश्मीर में आंतकियों से लोहा लेते हुए उत्तराखंड का एक और लाल देश के लिए शहीद हो गया। उत्तराखंड पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट तहसील के अंतर्गत सुगड़ी गांव के रहने वाले पवन सिंह सुगरा की उम्र 21 वर्ष थी । वो 20 कुमाऊं रेजीमेंट से थे जो जम्मू कश्मीर के पुंछ में शहीद हो गए। जम्मू कश्मीर के बलनोई क्षेत्र में पाकिस्तान की सेना की ओर से स्नाइपर शॉट दागे गए। इसका निशाना पवन बन गए और वो जमींन पर गिर गए। इसके बाद पवन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पवन 2016 में सेना में भर्ती हुए थे। पवन ने स्कूली ‌शिक्षा इंटर विवेकानंद गंगोलीहाट से पूरी की। पवन जब पिथौरागढ् महाविद्यालय से बीए सेकंड ईयर में पढ़ रहे थे, उसी दौरान सेना में भर्ती हुए थे। पवन सिंह के बड़े भाई हल्द्वानी कोतवाली में कार्यरत हैं। इसके अलावा पवन की दो बहने भी हैं। पवन सिंह के पिता दान सिंह सुगड़ा भी आर्मी से रिटायर्ड हैं। उन्होंने पिता से ही प्रेरित होकर सेना में जाकर देश की रक्षा करने का फैसला लिया। पवन चार भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। पवन की एक दस महीने की बेटी भी है। शहादत की खबर मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया।

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