तो क्या डिजायन फेलियर था ढेड करोड की लागत से बना मदनपुर-नैनी मार्ग का गार्डर पुल ?

0

पिथौरागढ़/अल्मोड़ा –  मदनपुर-नैनी सड़क पर छह साल पहले 1.52 करोड़ की लागत से बना मोटर पुल बुधवार को ध्वस्त हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत हुई और एवं तीन अन्य घायल हो गए थे | स्थानीय लोगों की माने तो पुल में घटिया सामग्री डाली गयी थी | जिसकी जाँच करने के आदेश डी एम् द्वारा दिए गए हैं |

कुमाऊ पोस्ट द्वारा इस घटना के विषय में कुछ अभियंताओं से चर्चा की गयी है | जिससे ये जानकारी प्राप्त हुई कि उत्तराखण्ड में निर्मित अधिकांश गार्डर पुल कुछ इस प्रकार बने होते हैं कि उसमे एक  बार में एक ही भारी वाहन जा सके | बाकायदा पुल के प्रवेश द्वार पर यह नोटिस भी लगाया जाता है कि एक बार में एक ही वाहन जाए | यदि ऐसा है तो पुल पर दो ट्रकों का  भरे हुए जाना निर्धारित मापदंडों के विरुद्ध है  | लेकिन समान्यतया हादसे होने का कारण  डिजायन फेलियर ही माना जाता है  | यदि पुल का डिजाइन सही से किया गया हों तो ऐसे  हादसे नही होते |

इन तथ्यों से स्पष्ट होता है कि  है कि पुल का निर्माण एवं उसमे चलन निर्धारित मापदंडों के अनुसार होना चाहिए | प्रशासन को चाहिए कि इस विषय को गंभीरता से लिया जाए ताकि आये दिन ऐसे हादसों को रोका जा सके |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here